प्रेम करती हुई लड़कियां
लड़कियां सिर्फ प्रेम नहीं करती, तमीज भी सिखाती है. एक हांड मांस के पुतले को इंसान बनाती हैं। ब्रेकअप के बाद भी औपचारिकता में ही सही, मोस्ट वेलकम कहना नहीं भूलती। ये तहज़ीब है उनकी जो वो हम लड़को में भी भर देती हैं।
मैंने अपने आसपास जितने फटीचर लोगों को देखा है जिन्हें पब्लिक प्लेस में बात तक करने का तरीका नही रहा है, ढंग से पहनने-ओढने की बात तो छोड ही दीजिए। प्यार करती हुई लडकियों ने उन्हें(मुझे भी) आदमी बना दिया।
प्यार करती हुई लड़कियां पब्लिक प्लेस में मैनर्स की पाठशाला हुआ करती हैं। अकेले में क्रिएटिविटी की प्रेरणा हुआ करती हैं। वो सच्चे अर्थों में पुरुषों को नागरिक की तरह जीने की कला सिखाती है। वरना सामाजिक जानवर तो हम हैं ही।
कहना बस इतना है कि जो लोग उन्हें सिखाने,संस्कारित करने चले हैं, उन्हें तहज़ीब और परंपराओं की बात सिखाने चले हैं। घंटे-दो घंटे बात कर लें पहले उनसे। वो इतना कुछ सिखा जाएगी कि जीने का नया अर्थ मिल जायेगा। इसलिए ये जैसी हैं इन्हें छोड़ दीजिए। खुद को इस तरह ढालिये की पूरी दुनिया इन्हें अपना घर लगे। एक ऐसा माहौल बनाइये जिसमे ये कही भी कभी भी खुद को सुरक्षित और सहज महसूस करे। थोड़ा प्यार दे कर देखिये, बदले में संसार मिलेगा।
Gunjan ki KALAM se

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