हो सकता है।
तुम मेरी बहन होती, हो सकता है तब भी मैं तुम्हारे जाने पर इतना ही रोता। पर तुम मेरी बहन नहीं हो।
तुम मेरी दोस्त होती , हो सकता है तब भी मैं तुम्हारे जाने पर इतना ही रोता । पर तुम्हे सिर्फ दोस्त कहना काफी नही होगा।
तुम मेरी प्रेमिका होती, हो सकता है तब भी मैं तुम्हारे जाने पर इतना ही रोता । पर तुम मेरी प्रेमिका नहीं हो।
तुम क्या हो? ये तो पता नही। पर जो भी हो, बहुत हसीन हो, बहुत करीब हो।
तुम्हारा जाना, मेरे ज़िंदा होते हुए जिये जाने वाले उन सबसे बदतर लम्हो में से है जिसे मैं जी रहा हूँ।
खुश रहना।
#गुंजन की कलम से।।।।

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