आत्महत्या, क्यों?
आत्महत्या से खत्म नहीं होती परेशानीयाँ,
खत्म हो जाता है एक शरीर ,
एक उम्मीद ,
आने वाली पीढ़ी ,
पिता की लाठी ,
मां का आंचल ,और
भाई बहन का साथ ।।
आत्महत्या से खत्म नहीं होती जिम्मेदारियां ,
खत्म हो जाती है तुम्हारी इज्जत,
तुम्हारा प्यार ,
तुम्हारी अहमियत ,और
तुम।।
तुमने आत्महत्या की ,
यानी तुम हार गए ,
तुम होते तो तुम्हें मैं मिलाता ,
उस लड़की से ,
जिसके हाथ नहीं थे ,
तुम होते तो तुम्हें मैं मिलाता,
उस बूढ़ी औरत से ,
कोई और जिसके साथ नहीं थे,
कलाकारी करती है वो लड़की,
अपने पैरों से ,
सब्जियां बेचती है वो बूढ़ी औरत ,
पर मांगती नहीं गैरों से
इन दोनों के अलावा भी ,
संघर्ष बहुत है ,
जीवन नाम ही है कठिनाइयों का ,
राह इसकी कठिन बहुत है ,
तुमने देखी बस परेशानियां अपनी,
काश कि तुम,
इस संघर्ष को भी देख पाते,
तुमने देखी बस बेबसी अपनी ,
काश कि तुम ,
जिंदगी की खूबसूरती को भी देख पाते,
जीवन है इक यात्रा ,
बुरा इसका अंजाम नहीं होता ,
याद रखो बस इतना ,
आत्महत्या कभी समाधान नहीं होता,
आत्महत्या कभी समाधान नहीं होता।


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